12 Names of Lord Hanuman:- भगवान हनुमान के 12 नाम उनके अद्वितीय गुणों और लीलाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। हनुमान नाम से आरंभ होकर, वे अञ्जनी सुत के रूप में माता अञ्जनी के पुत्र के रूप में जाने जाते हैं। वायु पुत्र के रूप में वे पवन देवता के संतान हैं, जो अद्भुत शक्ति प्रदान करते हैं। महाबल होने के नाते, हनुमान असीमित बल और साहस के प्रतीक हैं। रामेष्ट के रूप में, वे श्री राम के प्रति अपनी भक्ति दर्शाते हैं। उनके अन्य नाम, जैसे फाल्गुण सखा (अर्जुन के मित्र) और उदधिक्रमण (महासागर को पार करने वाले) उनकी वीरता और निष्ठा को प्रकट करते हैं। सीता शोक विनाशन के रूप में, वे माता सीता के दुःख को दूर करने वाले हैं, जबकि लक्ष्मण प्राण दाता के रूप में, वे लक्ष्मण के जीवन के रक्षक हैं। अंत में, दशग्रीव दर्पहा के रूप में, वे रावण के अभिमान को समाप्त करते हैं। हनुमान जी के ये नाम भक्ति, शक्ति और साहस के प्रतीक हैं, जो भक्तों को हर संकट में मार्गदर्शन करते हैं।
12 Names of Lord Hanuman
| Name | Sanskrit Mantra | Meaning |
| हनुमान | ॐ श्री हनुमते नमः। | हनुमान जी को भक्ति का प्रतीक माना जाता है। इनके चेहरे पर एक निशान (क्लिफ्ट) है, जो इन्हें विशिष्ट बनाता है। |
| अञ्जनी सुत | ॐ अञ्जनी सुताय नमः। | ये देवी अञ्जनी के पुत्र हैं। अञ्जनी जी ने हनुमान जी को जन्म दिया और इन्हें विशेष शक्तियों से नवाजा। |
| वायु पुत्र | ॐ वायुपुत्राय नमः। | हनुमान जी वायु देव के पुत्र हैं, जो उन्हें अद्वितीय गति और शक्ति प्रदान करते हैं। |
| महाबल | ॐ महाबलाय नमः। | हनुमान जी को अत्यधिक बलशाली माना जाता है। उनकी शक्ति और वीरता अद्वितीय हैं। |
| रामेष्ट | ॐ रामेष्ठाय नमः। | हनुमान जी श्री राम के प्रति अपनी अनन्य भक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं। वे हमेशा श्री राम की सेवा में तत्पर रहते हैं। |
| फाल्गुण सखा | ॐ फाल्गुण सखाय नमः। | ये अर्जुन के सखा हैं। महाभारत में इनकी मित्रता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। |
| पिङ्गाक्ष | ॐ पिंगाक्षाय नमः। | हनुमान जी की आँखें पीली या लाल-भूरी होती हैं, जो उनकी विशेषता दर्शाती हैं। |
| अमित विक्रम | ॐ अमितविक्रमाय नमः। | हनुमान जी की वीरता और पराक्रम की कोई सीमा नहीं है। उनका साहस और शक्ति अनंत है। |
| उदधिक्रमण | ॐ उदधिक्रमणाय नमः। | ये समुद्र को पार करने वाले हैं, जो उनकी अद्वितीय क्षमता को दर्शाता है। |
| सीता शोक विनाशन | ॐ सीताशोकविनाशनाय नमः। | हनुमान जी ने देवी सीता का शोक दूर किया, जब उन्होंने रावण के पास से उन्हें बचाया। |
| लक्ष्मण प्राण दाता | ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः। | हनुमान जी ने लक्ष्मण जी की जान बचाई थी, जब वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। |
| दशग्रीव दर्पहा | ॐ दशग्रीवस्य दर्पाय नमः। | हनुमान जी ने रावण की गर्व को नष्ट किया, जब उन्होंने लंका पर हमला किया और उसकी शक्ति को कम किया। |
12 names of Hanuman benefits
यहां हनुमान जी के 12 नाम और उनके लाभ दिए गए हैं:
- हनुमान
लाभ: मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि करता है। - अञ्जनी सुत
लाभ: माता-पिता के प्रति सम्मान और भक्ति में वृद्धि करता है। - वायु पुत्र
लाभ: स्वास्थ्य में सुधार और रोगों से मुक्ति दिलाने में मदद करता है। - महाबल
लाभ: शारीरिक और मानसिक ताकत को बढ़ाता है, जो कठिनाइयों का सामना करने में सहायक होता है। - रामेष्ट
लाभ: श्री राम की कृपा प्राप्त करने में मदद करता है और भक्ति को बढ़ाता है। - फाल्गुण सखा
लाभ: मित्रता और रिश्तों में सामंजस्य और सहयोग को बढ़ावा देता है। - पिङ्गाक्ष
लाभ: दृष्टि में सुधार और आत्म-ज्ञान में वृद्धि करता है। - अमित विक्रम
लाभ: विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति और साहस देता है। - उदधिक्रमण
लाभ: बाधाओं को पार करने की क्षमता को बढ़ाता है और जीवन में सकारात्मकता लाता है। - सीता शोक विनाशन
लाभ: दुःख और मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने में मदद करता है। - लक्ष्मण प्राण दाता
लाभ: संकट के समय में सुरक्षा और समर्थन प्रदान करता है। - दशग्रीव दर्पहा
लाभ: शत्रुओं से सुरक्षा और विजय प्राप्त करने में मदद करता है।
इन नामों का जाप करने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति और सफलता का संचार होता है।