धर्म सनातन उत्तम है लिरिक्स – DHARM SANATAN UTTAM HAI Lyrics

धर्म सनातन उत्तम है लिरिक्स

धर्म सनातन उत्तम है,
डंके की चोट पर कहता हूँ,
मैं श्री राम का सेवक हूँ,
भगवे के रंग में रहता हूँ,
मैं श्री राम का सेवक हूँ,
भगवे के रंग में रहता हूँ।

ये भारत देश है जान मेरी,
और भगवा है शान मेरी,
ये सारी दुनिया जानती है,
श्री राम से ही पहचान मेरी,
मैंने जनम लिया जिस मिट्टी में,
मैं उसको माता कहता हूँ,
मैं श्री राम का सेवक हूँ,
भगवे के रंग में रहता हूँ।

दुनिया में सबसे पहले,
मेरा धर्म सनातन है,
मेरे भारत में चलता,
श्री रामचंद्र का शाशन है,
बजरंगबली के जैसे ही,
प्रभु राम के गुण मैं गाता हूँ,
मैं श्री राम का सेवक हूँ,
भगवे के रंग में रहता हूँ।

मेरे भारत के जैसा,
ना प्यार कहीं देखा जग में,
युगों युगों से प्रभु राम का,
नाम हमारी रग रग में,
कृष्ण सांवरा साथ सलीम के,
राम राम ही कहता हूँ,

मैं श्री राम का सेवक हूँ,
भगवे के रंग में रहता हूँ।
धर्म सनातन उत्तम है,
डंके की चोट पर कहता हूँ,
मैं श्री राम का सेवक हूँ,
भगवे के रंग में रहता हूँ,
मैं श्री राम का सेवक हूँ,
भगवे के रंग में रहता हूँ।

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