आयो सांवरियो सरकार लिरिक्स गीत में भगवान कृष्ण की खूबसूरती और उनकी लीला का भव्य वर्णन किया गया है। शुरुआत में, भगवान कृष्ण को घोड़े पर सवार होकर आते हुए दर्शाया गया है, जिससे उनके आकर्षण और रोब का बोध होता है। उनकी मूछों की मरोड़ और घुंघराले बालों की विशेषता भी इस चित्रण में शामिल है। गीत में रंग-बिरंगे वस्त्रों, मोर पंखों और सुंदर बागों का उल्लेख किया गया है, जो उनकी शोभा को और बढ़ाते हैं। भक्त की मनोदशा को दर्शाते हुए, यह भी कहा गया है कि भगवान कृष्ण के प्रति प्रेम और भक्ति से जीवन में आनंद और सच्चा सुख मिलता है। अंत में, भगवान हनुमान का उल्लेख करते हुए, यह प्रकट किया गया है कि दयालुता और कृपा के साथ भगवान कृष्ण का आगमन भक्तों के लिए आनंद और मुक्ति का कारण बनता है। इस प्रकार, यह गीत भक्ति, प्रेम, और आध्यात्मिकता को उजागर करता है।
आयो सांवरियो सरकार लिरिक्स
आयो सांवरियो सरकार,
लीले पे चढ़ के,
लीले पे चढ़ के,
यो घोड़े पे चढ़ के,
आयो साँवरियो सरकार,
लीले पे चढ़ के।।
मुछा की मरोड़,
ऐसो रोब है निरालो,
घूंघर वाला बाल,
मेरो सांवरो रूखालो तो,
लीले की टाप,
टप टप खड़के,
आयो साँवरियो सरकार,
लीले पे चढ़ के।।
केसरिया है बागो,
जा पे फेटो पचरंगो,
मोर पंख जयपूरी,
रुमाल है सुरंगो,
तो मुलक निहारु तने,
जीव भर के,
आयो साँवरियो सरकार,
लीले पे चढ़ के।।
बांकी सी लटक पर,
बावलो दीवानो,
मन में मगन मेरो,
जीव मस्तानो तो,
नहीं कोई दुसरो,
तेरे से बड़के,
आयो साँवरियो सरकार,
लीले पे चढ़ के।।
वीर हनुमान के,
निशान इक हाथ में,
पवन कुमार सोहे,
सांवरे के साथ में,
तो देख के सवारी,
अंग अंग फड़के,
आयो साँवरियो सरकार,
लीले पे चढ़ के।।
‘श्याम बहादुर शिव’,
आरती उतारे,
अर्ज गुजारे बाबा,
तन मन वारे,
तो आगयो दयालु दाता,
दया कर के,
आयो साँवरियो सरकार,
लीले पे चढ़ के।।