मन में बसा कर तेरी मूर्ति लिरिक्स

मन में बसा कर तेरी मूर्ति लिरिक्स

मन में बसा कर तेरी मूर्ति
उतारू मैं गिरधर तेरी आरती

करुणा करो कष्ट हरो ज्ञान दो भगवन
भव में फंसी नाव मेरी तार दो भगवन
दर्द की दवा तेरे पास है,,
जिंदगी दया की भीख मांगती

मांगू तुझसे क्या मैं यही सोचु भगवन
जिन्दगी जब तेरे नाम कर दी अर्पण
सब कुछ तेरा कुछ ना मेरा…
चिन्ता है तुमको ससार की

वेद तेरी महिमा गाए संत करें ध्यान
नारद गुणगाण करे छेडे वीणा तान
भक्त तेरे द्वार करते
दास मिलकर तेरी गाये.आरत

Man Mein Basa Kar Teri Murti Lyrics

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