राम जैसा नगीना नहीं लिरिक्स भजन – Ram Jaisa Nagina Nahin Lyrics

राम जैसा नगीना नहीं लिरिक्स भजन गीत में भगवान राम को एक अनमोल रत्न के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो सभी संसारिक चीजों से श्रेष्ठ हैं। यह दर्शाता है कि राम का नाम और प्रेम जीवन में सबसे महत्वपूर्ण हैं, जबकि अन्य रिश्ते और नाते अस्थायी और झूठे हैं। भक्ति का भाव व्यक्त करते हुए, व्यक्ति राम के नाम को अपने जीवन में बसाना चाहता है, यह मानते हुए कि जीवन की काया क्षणिक है और असली सुख केवल राम की भक्ति में है। इस प्रकार, गीत भक्ति, प्रेम, और जीवन की अस्थायी प्रकृति को केंद्रित करता है, जिसमें राम को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।

राम जैसा नगीना नहीं लिरिक्स भजन

राम जैसा नगीना नही सारे जग की बजरियां में
नील मणि ही जडाऊ गी अपने मन की मुदरिया में

राम का नाम प्यारा लगे रसना पे बिठाऊ गी मैं
मैं तो मूरत बसाऊ गी नैनो की पुतरियां में
राम जैसा नगीना नही सारे जग की बजरियां में

है झूठे सभी रिश्ते और झूठे सभी नाते
दूजा रंग न चडाऊ गी अपनी शामल चदारियां पे
राम जैसा नगीना नही सारे जग की बजरियां में

जल्दी से यत्न करके राघव को रिझाना है,
कुछ दिन ही तो रहना है काया की कुतरियां में
राम जैसा नगीना नही सारे जग की बजरियां में

Ram Jaisa Nagina Nahin Lyrics Video

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